"सत्य को कहने के लिए किसी शपथ की आवश्यकता नहीं होती।"

"Truth does not need an oath to be spoken."

सच्चाई की महिमा: सत्य की अपनी एक चमक और गूंज होती है। उसे साबित करने के लिए किसी बाहरी दिखावे या कसमों की जरूरत नहीं होती। एक सच्चा इंसान अपनी आँखों और अपने शब्दों से पहचाना जाता है।

स्थाई साख: झूठ को सहारा देना पड़ता है, लेकिन सत्य खुद अपना सहारा होता है। अपनी ईमानदारी पर भरोसा रखें, समय के साथ वह खुद को प्रमाणित कर देगी।

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